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हुतात्मा मनोज के माता-पिता आर्थिक संकट में, वित्तीय सहायता लेकर बहू ने छोड़ा घर

पुलवामा में पिछले वर्ष आतंकी हमले में वीरगति को प्राप्त हुए कॉन्सटेबल मनोज कुमार बेहरा के माता-पिता केंद्र सरकार की मदद के बावजूद आर्थिक तंगी से गुज़र रहे हैं। उनकी बहू ने मिली सभी तरह की वित्तीय सहायताओं को अपने पास रखने के बाद सास-ससुर का घर छोड़ दिया है।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, ओडिशा के कटक के पास एक गाँव में रहने वाले परिवार को मनोज कुमार बेहरा के बलिदान के बाद 45 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी गई थी क्योंकि हुतात्मा मनोज ही परिवार का पालन-पोषण करने वाला एकमात्र सहारा था।

पहले अपने बेटे को खोने के बाद पीड़ित माता-पिता को एक और बड़ा झटका तब लगा, जब उनकी बहू ने उनकी पोती के साथ घर छोड़ने का फैसला किया। मनोज के माता-पिता ने बताया, “घर छोड़ने के बाद बहू एलीलेट ने हमसे कहा कि वित्तीय सहायताओं के रूप में मिले धन पर उनका कोई अधिकार नहीं है।” दरअसल, सरकार की ओर से मिली सारी धनराशि बहू के खाते में जमा की गई थी।

पीड़ित पिता ने कहा, “हमारा बेटा हमारे लिए सब कुछ था क्योंकि उसके जाने के बाद हमारा जीवन दयनीय हो गया है। वह जब जीवित था, तब उसने हमारी देखभाल की थी। सरकार ने जो भी पैसा भेजा, वो हमारी बहू के खाते में जमा हो गया। अब वह कहती है कि पैसों पर हमारा कोई अधिकार नहीं है। मुझे नहीं पता कि क्या करना है और मदद के लिए कहाँ जाना है।”

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, माता-पिता के पास आय का कोई स्रोत नहीं है और अब वे दयनीय जीवन जी रहे हैं।