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उज्ज्वला योजना के तहत बीपीएल परिवारों को दिया जाएगा 5 किलो का सिलेंडर

मोदी सरकार प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) का विस्तार करने की कोशिश कर रही है। उसका पूरा ध्यान आबादी के निचले तबके वालों के लिए 5 किलो का एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध करवाना है।

इकनॉमिक्स टाइम्स  की रिपोर्ट के अनुसार, 1 मई 2016 को उत्तर प्रदेश के बलिया से उज्ज्वला योजना शुरू की गई थी। इसके तहत  गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) के परिवारों को सिलेंडर उपलब्ध करवाया जाता है। इसके तहत कनेक्शन लेने वाले परिवार को 1600 रुपये की सहायता दी जाती है।

रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 7 करोड़ 19 लाख परिवारों को योजना के तहत गैस कनेक्शन मिल चुके हैं। 8 करोड़ कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें से अभी 81 लाख कम है। कहा जा रहा है कि नई सरकार अपने शुरुआती 100 दिनों में ही यह लक्ष्य पूरा कर लेगी।

लक्ष्य हासिल करने के बाद योजना के तहत 5 किलो के सिलेंडर का उपयोग अनिवार्य किया जाएगा। इसका उद्देश्य देशभर में इसकी उपलब्धता सुनिश्चित करने और एलपीजी रीफिल्स को बढ़ावा मिलना बताया जा रहा है।

सार्वजनिक क्षेत्र की एक ऑयल मार्केटिंग कंपनी के अधिकारी ने बताया, “योजना के तहत एलपीजी सिलेंडर साल में औसतन तीन बार भरवाए जा रहे हैं, जबकि राष्ट्रीय औसत करीब सात का है। इसका मुख्य कारण शायद सिलेंडर की कीमत है क्योंकि रीफिलिंग मुफ्त नहीं है। योजना के तहत छोटे सिलेंडरों के इस्तेमाल से स्थिति बदल सकती है।”

पेट्रोलियम मंत्रालय के एक अध्ययन के अनुसार, एलपीजी सिलेंडर के बीपीएल परिवारों के कम उपयोग के पीछे मुख्य कारण एक 14.2 किलो के सिलेंडर की अधिक लागत भी है।

दिल्ली में 14.2 किलो के सिलेंडर की कीमत 712 रुपये है। इसमें करीब 215 रुपये की बैंक खाते में सब्सिडी आती है और ग्राहकों को 500 रुपये प्रति सिलेंडर के हिसाब से भुगतान करना पड़ता है। एक बार में इतना भुगतान करने में कई बीपीएल परिवार असमर्थ हैं।