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गहलोत सरकार को बचाने वाले बसपा से आए विधायक चाहते ‘पुरस्कार’, बढ़ी अंतर्कलह

राजस्थान कांग्रेस में छह विधायक जो दो वर्ष पूर्व बसपा से अलग होकर पार्टी में शामिल हुए थे, उनको लेकर सोमवार को हड़कंप मच गया। दरअसल, सचिन पायलट समूह ने राजनीतिक और मंत्री-स्तरीय नियुक्तियों के लिए अपनी मांगों को पूरा करने को कहा।

इन छह विधायकों ने राजस्थान सरकार को बचाने के लिए ‘पुरस्कार’ (मंत्री पद) की मांग करते हुए कहा कि अगर वे वहाँ नहीं होते तो अशोक गहलोत सरकार अपनी पहली पुण्यतिथि मना रही होती।

वे कथित तौर पर कैबिनेट विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों पर राजनीतिक गतिरोध से नाखुश हैं। बसपा के तीन पूर्व विधायकों राजेंद्र गुडा, लखन मीणा और संदीप यादव ने कल बैठक की, जिसमें भविष्य की कार्रवाई का निर्णय किया गया।

राजेंद्र गुडा ने कहा, “अगर हम, छह पूर्व बसपा विधायक और 10 निर्दलीय नहीं होते तो राजस्थान सरकार अपनी पहली पुण्यतिथि मना सकती थी। गत वर्ष 19 कांग्रेस विधायकों और तीन निर्दलीय ने विद्रोह का समर्थन किया था। यहाँ तक ​​​​कि सीपीआई-एम विधायक का रुख भी स्पष्ट नहीं था। अगर हम वहाँ नहीं होते तो मुख्यमंत्री के पास त्याग-पत्र के अलावा कोई विकल्प नहीं था।”

उन्होंने कहा, “हम राजस्थान प्रभारी अजय माकन से तीन बार मिले। हालाँकि, हर बार हमें एक ही जवाब मिला कि अगले दो महीनों में कैबिनेट विस्तार होगा। हमें केवल आश्वासन ही मिल रहा है। हमने अपनी इस दुर्दशा को देखने के लिए सरकार को नहीं बचाया।”