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बिशप मुलक्कल मामला- 83 गवाहों में 25 नन, 2000 पन्नों का आरोप पत्र दायर

मंगलवार (9 अप्रैल) को केरला पुलिस की एक विशेष जांच दल ने बिशप फ्रैंको मुलक्कल की गिरफ़्तारी के सात महीनों बाद उसके खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। बिशप मुलक्कल को नन के यौन शोषण के जुर्म में पिछले वर्ष सितंबर में जेल भेजा गया था।

पिछले वर्ष 21 सितंबर को मुलक्कल से दो दिन तक कड़ी पूछताछ करने के बाद हिरासत में ले लिया गया था। जाँच अधिकारी और पुलिस उप अधीक्षक के. सुभाष ने मंगलवार की दोपहर पाला में न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट के सामने आरोप पत्र पेश किया।

खबर के अनुसार आरोप पत्र लगभग 2000 पन्नों का है जिसमें मुलक्कल के खिलाफ दस्तावेज़ और बयान शामिल हैं। मामले में लगभग 83 गवाह भी हैं। गवाहों में मेजर आर्कबिशप कार्डिनल जॉर्ज एलेनचेरी, पाला प्रांत के बिशप जोसेफ कल्लारंगट, भागलपुर बिशप कुरियन वलियाकांडथिल और उज्जैन प्रांत के बिशप सेबेस्टियन वडक्केल सहित 25 नन और लगभग 11 पादरी भी गवाहों की इस सूची में शामिल हैं।

मुलक्कल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत धारा 342, 376, 377 और 506 के मामले दर्ज हो गए हैं। इन आरोपों के लिए मुलक्कल को दोषी ठहराने पर उसे आजीवन कारावास या कम से कम 10 साल तक जेल की सजा सुनाई जा सकती है। आरोप पत्र की जांच करने के बाद अदालत मुलक्कल को नोटिस जारी करेगी।