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“पाकिस्तानी सेना आतंकवाद सहयोगी”- यूएन जेनेवा बैठक में मानवाधिकार कार्यकर्ता

सोमवार (11 मार्च) को जेनेवा में हुए संयुक्‍त राष्‍ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) के 40वें सत्र में आतंकवाद पर जमकर चर्चा हुई। बैठक में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके), सिंध और खैबर पख्तूनख्वा से आए मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने आतंकवाद के विरुद्ध आवाज़ उठाई, साथ ही पाकिस्तानी सेना पर आतंकवाद का सहयोग करने का आरोप भी लगाया।

पीओके के कार्यकर्ता सरदार शौकत अली कश्मीरी ने इस्लामाबाद से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और पाकिस्तान में स्थित सभी आतंकी अड्डों को नष्ट करने की गुज़ारिश की है। मानवाधिकार के कार्यकर्ताओं ने आतंकवाद को घातक बताते हुए इसे वैश्विक संकट कहा है।

बैठक में संयुक्त कश्मीर जनता राष्ट्र दल के प्रमुख अली ने बताया है कि पाकिस्तानी सेना खुले आम आतंकवाद का समर्थन कर रही है और हिंदुस्तान के खिलाफ छद्म युद्ध के लिए आतंवादियों का सहारा लेती है। उनका यह भी कहना है कि पाकिस्तानी सेना खुले आम कश्मीरी लोगों को हलके हथियारों का इस्तेमाल न कर आत्मघाती हमले करने के लिए भी उकसाती है।

अली ने बताया कि पाकिस्तानी सेना के रिटायर्ड जनरल सार्वजनिक रूप से इस बात को कहते हैं। आतंकवादियों को बढ़ावा देने में कार्यकर्ताओं ने पाकिस्तानी सेना को दोषी ठहराया है।

जेनेवा बैठक में आए कश्मीरी कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि आतंवादियों द्वारा किए जाने वाले हमलो में स्थाई लोगों का बहुत नुकसान होता। इन हमलों से न सिर्फ क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक शांति को भी नुक्सान हो रहा है। कश्मीरी कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि पाकिस्तान आतंकवादियों का साथ न दे कर उनके खिलाफ काम करे और आतंकवाद को ख़त्म करने में मदद करे।