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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लेह में तैयारियों के निरीक्षण के साथ सैनिकों का उत्साहवर्धन किया

पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ कई हफ्तों से चल रहे सीमा विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार (3 जुलाई) को अचानक लेह दौरे पर पहुँचे। उनके साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत और सेना प्रमुख जनरल मनोज मुंकद नरवाणे भी थे।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर सैनिकों से भेंट की और उनकी तैयारियों का निरीक्षण किया। जानकारी मिल रही है कि वह गलवान घाटी में चीनी सेना को भगाने वाले बहादुर सिपाहियों से भी मुलाकात करेंगे।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा, ”आपका यह हौसला, शौर्य और भारत माँ के मान-सम्मान की रक्षा के लिए समर्पण अतुल्यनीय है। आपकी जीवटता भी दुनिया में किसी से कम नहीं है। आप जिन कठिन परिस्थितियों में जिस ऊँचाई पर माँ भारती की ढाल बनकर उसकी रक्षा करते हैं, उसकी सेवा करते हैं, उसका मुकाबला पूरे विश्व में कोई नहीं कर सकता है।”

नरेंद्र मोदी सुबह नीमू की फॉरवर्ड पोस्ट पर पहुँचे। वहाँ उन्होंने सेना, वायुसेना और आईटीबीपी के अधिकारियों से वार्ता की। इस दौरे के संबंध में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया, “सेना के रहते देश की सीमाएँ हमेशा सुरक्षित रही हैं। प्रधानमंत्री का लद्दाख जाकर जवानों से भेंट करके उत्साहवर्द्धन करने से सेना का मनोबल और ऊँचा हुआ है। मैं उनके इस कदम की सराहना करते हुए उन्हें धन्यवाद देता हूं।”

इससे पूर्व, रक्षा मंत्री को शुक्रवार को लद्दाख दौरे पर जाना लेकिन उनका यात्रा टल गई। बता दें कि एलएसी पर भारत और चीन के बीच करीब सात सप्ताह से तनाव जारी है। 15 जून को दोनों देशों के सैनिक आपस में भिड़ गए थे, जिसमें भारत के 20 जवान शहीद हो गए और पड़ोसी देश के कई जवान मारे गए थे।