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“गलवान में जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा, वे मारते-मारते मरे हैं”- प्रधानमंत्री मोदी

भारत और चीन के बीच लद्दाख की गलवान घाटी में हुई झड़प के करीब 36 घंटे के बाद बुधवार (17 जून) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 मिनट 12 सेकंड का संबोधन किया। उन्होंने कहा, ” शहीद जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। देश की संप्रभुता सर्वोच्च है। देश की सुरक्षा करने से हमें कोई भी रोक नहीं सकता। इस बाबत किसी को भ्रम या संदेह नहीं होना चाहिए।”

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “भारत शांति चाहता है लेकिन उकसाने पर उचित जवाब भी देगा। हमारे दिवंगत शहीद वीर जवानों के विषय में देश को इस बात का गर्व होगा कि वे मारते-मारते मरे हैं। मेरा आप सभी से आग्रह है कि हम खड़े होकर दो मिनट मौन रखकर इन वीर सपूतों को श्रद्धांजलि देंउसके बाद मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक शुरू करेंगे।”

प्रधानमंत्री ने 19 जून को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “गलवान में सैनिकों को खोना दर्दनाक है। हमारे सैनिकों ने साहस और वीरता का प्रदर्शन किया। राष्ट्र उनकी बहादुरी और बलिदान को कभी नहीं भूलेगा।”

उधर, इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारत सरकार ने कहा है कि उसने अपने युद्ध भंडारों में हथियारों की खरीद और उन्हें व्यवस्थित करने के लिए सशस्त्र बलों को आगे बढ़ाया है। भारत किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए अपनी तैयारी कर रहा है।

बता दें कि 15-16 जून की रात को लद्दाख में की गलवान घाटी में भारत और चीन के जवानों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। यह हमला पत्थरों, लाठियों और धारदार चीजों से किया गया था। भारत के कमांडिंग अफसर समेत 20 जवान शहीद हो गए, 135 जख्मी हो गए। अब भी चार की हालत नाज़ुक बनी हुई है।