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जम्मू-कश्मीर के लोगों का हक छीनने नहीं, देने की कोशिश की- प्रधानमंत्री मोदी

जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा खत्म करने के बाद गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित किया। उन्होंने इस निर्णय को समय की ज़रूरत और आगे ले जाने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा, “सरकार ने जम्मू-कश्मीर के लोगों का हक छीनने नहीं बल्कि देने की कोशिश की है।”

45 मिनट के संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा, “नेता चुनने का अधिकार कश्मीर के लोगों का होगा। इसमें दखल नहीं दिया जाएगा। हम जल्द ही जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देंगे। इस ऐतिहासिक कदम की वजह से जो दिक्कतें हो रही हैं, उसका मुकाबला भी वहीं के लोग कर रहे हैं। लोगों को ईद मनाने में कोई परेशानी नहीं होगी। कुछ मुट्ठीभर लोग वहाँ के हालात बिगाड़ना चाहते हैं, जिसका उन्हें वहाँ के लोग ही जवाब दे रहे हैं।”

प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान का नाम लेकर कश्मीर में साजिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “अनुच्छेद 370 और 35ए से कोई फायदा नहीं हो रहा था। उल्टा आतंकवाद, अलगाववाद और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा था। कश्मीर में अब तक 42,000 लोगों की जान जा चुकी है। कोई नहीं यह बता पाता था कि अनुच्छेद 370 से क्या फायदा पहुँचा है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में जल्द केंद्र सरकार के खाली पद भरे जाएँगे। सरकारी कंपनियाँ, सेना भर्ती अभियान चलाएँगे, जिनसे स्थानीय युवकों को रोजगार मिलेगा। अल्पसंख्यकों के हितों के लिए अल्पसंख्यक अधिनियम और मजदूरों के लिए न्यूनतम वेतन अधिनियम लागू किया जाएगा। वहाँ की पुलिस को अन्य केंद्र शासित प्रदेशों की तरह सुविधाएँ मिलेंगी।”