समाचार
“विपक्ष बताए कि क्या नेहरू सांप्रदायिक थे, हिंदू राष्ट्र बनाना चाहते थे?”- प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) पर संसद में कहा, “उनकी सरकार देश के राष्ट्र निर्माताओं की भावनाओं के अनुसार काम कर रही है।” इस दौरान उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरू और लियाकत समझौते का उल्लेख किया।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री ने कहा, “पंडित जवाहरलाल नेहरू ने पाकिस्तान में रह रहे अल्पसंख्यकों की बात रखते हुए यह समझौता किया था। लोग हम पर सांप्रदायिक होने का आरोप लगा रहे हैं तो क्या पंडित नेहरू सांप्रदायिक थे? क्या वो हिंदू राष्ट्र बनाना चाहते थे?”

उन्होंने कहा, “विपक्ष महात्मा गांधी जी के कथन के हवाले से हम पर आरोप लगा रही है कि सीएए पर सरकार जो कर रही है, वो गांधी की भावना नहीं थी। कांग्रेस ने तो गांधी को छोड़ दिया है और देश अब आपसे कोई अपेक्षा नहीं रखता है।”

प्रधानमंत्री ने कहा, “संविधान बचाने की बात कांग्रेस को दिन में 100 बार बोलनी चाहिए। ये तो उनका मंत्र होना चाहिए। संविधान के साथ कब क्या हुआ, अगर इसका महत्व समझते तो संविधान के साथ ये न हुआ होता। इस वजह से जितनी बार आप संविधान बोलेंगे, कुछ चीजें आपको अपनी गलतियों का अहसास करा देंगी।”

आखिर में उन्होंने कहा, “क्या नेहरू हिंदू राष्ट्र बनाने चाहते थे, जो उन्होंने ये बातें कहीं? आज हमारी सरकार अपने राष्ट्र निर्माताओं की भावना के अनुसार चल रही है। इस देश की 130 करोड़ जनता को मैं कहना चाहता हूँ कि सीएए से हिंदुस्तान के किसी नागरिक पर किसी भी प्रकार का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। चाहे हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई कोई भी हो। “