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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोवैक्सीन का टीका लगवाकर प्रश्न उठाने वालों को दिया उत्तर

टीकाकरण अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (1 मार्च) को कोविड-19 का टीका लगवाया। उन्होंने पहले चरण में खुद को टीका ना लगवाने का विकल्प चुना था क्योंकि वह समय स्वास्थ्य और अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों के लिए आरक्षित किया गया था।

अब यह बताया गया कि प्रधानमंत्री ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा बनाई गई कोविशील्ड की बजाय भारत बायोटेक की कोवैक्सीन को टीकाकरण के लिए चुना। नरेंद्र मोदी को टीका लगाने वाली सिस्टर पी निवेदा के हवाले से बताया गया, “सर (प्रधानमंत्री) को भारत बायोटेक की कोवैक्सीन की पहली खुराक दी गई। उन्होंने टीकाकरण के बाद पूछा कि मैं कहाँ से हूँ।” उन्होंने यह भी कहा, “आपने सुई लगा दी और पता भी नहीं चला।”

कई संशयवादियों ने इस टीके की प्रभावकारिता और सुरक्षा पर सवाल खड़े किए थे, जबकि कोविशील्ड विकसित करने वाले ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और एस्ट्राजेनेका ने इसे बैकअप के रूप में  बताया था।

भारत बायोटेक के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक डॉक्टर कृष्णा एला ने दावा किया था कि टीका 200 प्रतिशत सुरक्षित है और इसमें प्रतिकूल प्रतिक्रियाओं को कम करने के लिए पैरासिटामाल की आवश्यकता भी नहीं होती है। ब्राज़ील जैसे राष्ट्रों ने भी दो करोड़ खुराक की खरीद का निर्णय करके कोवैक्सीन में विश्वास व्यक्त किया है।