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हिमाचल प्रदेश मॉडल अपनाने का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों को दिया सुझाव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश सरकारों को सलाह दी कि वे अपने-अपने राज्यों में फैले कोरोनावायरस से लड़ने के लिए हिमाचल प्रदेश मॉडल को अपनाने पर विचार करें।

द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस मॉडल के तहत हिमाचल प्रदेश ने सर्दी-जुकाम जैसे लक्षणों के लिए अपनी पूरी आबादी की जाँच करने की कवायद की। जिन लोगों में लक्षण दिखाई दिए उन्हें शुरुआती दवाएँ दी गईं लेकिन अगर उससे भी सुधार नहीं हुआ तो उनका रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पोलीमरेज़ चेन रिएक्शन (आरटी-पीसीआर) टेस्ट किया गया।

रिपोर्ट में बताया गया कि केंद्र सरकार के अधिकारियों ने राज्यों को इसी तरह लाल और नारंगी जोन का समान दृष्टिकोण अपनाने और घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग करने को कहा है। साथ ही राज्य प्राधिकरणों को लोगों को आरोग्य सेतु ऐप के माध्यम से वायरस के लक्षणों को पहचानने और उनकी जानकारी देने के लिए जागरूक व प्रोत्साहित करने का भी सुझाव दिया है।

रिपोर्ट के अनुसार, हिमाचल प्रदेश ने डोर-टू-डोर अभियान में सर्दी-जुकाम जैसे लक्षणों के लिए करीब 70 लाख लोगों वाली पूरी आबादी की जाँच की। ईटी ने हिमाचल प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) आरडी धीमान के हवाले से कहा, “सर्दी-जुकाम जैसे लक्षणों वाले लगभग 10,000 व्यक्तियों की पहचान की गई। उनमें से 1,500 का कोविड-19 परीक्षण हुआ क्योंकि प्रारंभिक दवा के बावजूद उनका स्वास्थ्य बेहतर नहीं हुआ था।”

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से 29 अप्रैल को जारी किए गए आँकड़ों के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में अब तक 40 कोरोनावायरस के मामले आए हैं। इनमें से 25 ठीक हुए हैं और एक का निधन हो गया। राज्य ने पिछले पाँच दिनों में किसी भी मामले की जानकारी नहीं दी है।