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आर्थिक विकास- 5 खरब डॉलर अर्थव्यवस्था पर प्रधानमंत्री मोदी ने उद्योगपतियों से मांगे सुझाव

आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए नीतिगत उपायों पर सुझाव लेने के लिए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले सप्ताह कई व्यापारिक अधिनायकों और उद्यमियों के साथ मुलाकात की।

इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार इन बैठकों में प्रधानमंत्री मोदी ने विभिन्न क्षेत्रों पर उद्योगपतियों की प्रतिक्रिया मांगी और साथ ही आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और भारत को 5 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के अपने अभियान को तेज करने हेतु नीतिगत उपायों पर सुझाव मांगे।

इन बैठकों की जानकारी रखने वाले व्यक्ति ने कहा, “इन बैठकों में से प्रत्येक दो घंटे से अधिक समय तक चली। बैठकों में विचारों का एक स्पष्ट आदान-प्रदान देखा गया कि कैसे सरकार और उद्योग व्यापार भावना, निवेश और नौकरियों के सृजन को बढ़ावा देने हेतु एक साथ काम कर सकते हैं।”

रिपोर्ट के अनुसार बैठक में भाग लेने वाले उद्योग के नेताओं में कोटक महिंद्रा बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) उदय कोटक, एसबीआई के अध्यक्ष रजनीश कुमार, एचडीएफसी बैंक के प्रबंध निदेशक आदित्य पुरी, आईटी उद्योग के दिग्गज टीवी मोहनदास राय, पूर्व वित्त सचिव हसमुख अधिया, टेक महिंद्रा के एमडी सीपी गुरनानी, इंटेल इंडिया के महाप्रबंधक निवृति राय और टीसीएस के सीईओ राजेश गोपीनाथन शामिल हैं।

आने वाले दिनों में इस तरह की और बैठकें प्रधानमंत्री और उद्योगपतियों के बीच होनी हैं।

टेक महिंद्रा के गुरनानी ने कहा, “वह सुनना चाहते थे और हमें अर्थव्यवस्था के लिए सिफारिशों के साथ आगे आने के लिए प्रोत्साहित किया।”

इंडियन एंजल नेटवर्क के चेयरमैन सौरभ श्रीवास्तव ने कहा, “उन्होंने हमें बताया कि उन्होंने हमें उनकी या सरकार की प्रशंसा करने के लिए आमंत्रित नहीं किया था लेकिन हमारे विचारों को सुनने के लिए और क्या हो रहा है, क्या किया जा सकता है और विकास को कैसे और तेज किया जा सकता है।”

“यह एक रक्षात्मक बैठक नहीं थी। वह किसी भी चीज को सही नहीं ठहरा रहे थे और कहा कि हम नि:संकोच आलोचनात्मक हो सकतें हैं।”, श्रीवास्तव ने कहा।

सितंबर तिमाही में भारत की आर्थिक वृद्धि छह साल के निचले स्तर 4.5 प्रतिशत पर आ जाने के बाद विकास हुआ।