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भारत का अंतरिक्ष सिद्धांत- मोदी ने डोभाल को दिए निर्देश, कौशल से क्षमता तक

भारत द्वारा मिशन शक्ति की सफलता के बाद नरेंद्र मोदी ने अब राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को एक नया अंतरिक्ष सिद्धांत तैयार करने का काम सौंपा है जो नई अधिग्रहित क्षमता का प्रोटोकॉल तैयार करेगा।

हिंदुस्तान टाइम्स  ने जब मिसाइल प्रोग्राम से जुड़े हुए विदेश मंत्रालय और डीआरडीओ के वरिष्ठ अधिकारियों से बात की तो पता लगा कि परमाणु कमांड प्राधिकरण की तर्ज पर एक प्राधिकरण बनाना होगा जिससे ए-सैट की सफलता के बाद पनपे खतरे से भारत के पास बचने के विकल्प व उपाय हों।

अधिकारियों के अनुसार भारत को अब इस तकनीकी कौशल को रणनीतिक क्षमता में बदलने की ज़रूरत है लेकिन अब इसके साथ यह सवाल भी जुड़ जाता है कि भारत के पास परमाणु सिद्धांत है तो क्या भारत अब भी एनएफयू के इस्तेमाल न करने के फैसले पर अड़ा रहेगा।

विशेषज्ञों को एंटी सैटेलाइट मिसाइल के प्रबंध और संचालन के लिए अंतरिक्ष कमान की स्थापना करने की ज़रूरत है। फ़िलहाल भारत के पास एकीकृत मुख्यालय के अधीन एक अलग रणनीतिक बल कमान और एक साइबर कमान है।

बुधवार को एंटी सैटेलाइट मिसाइल के सफल परीक्षण के बाद भारत विश्व में अब चीन, अमेरिका और रूस के बाद चौथे स्थान पर आ गया है जिसके पास यह क्षमता है।