समाचार
जी-20 में 5 लाख करोड़ का होगा निवेश, मोदी ने मानवता को आर्थिक लक्ष्यों से ऊपर रखा

कोरोनावायरस की महामारी के बीच गुरुवार को जी-20 देशों के राष्ट्र अध्यक्षों के बीच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई चर्चा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “हमें इस वक्त आर्थिक लक्ष्यों की बजाय इंसानियत पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। कोरोना ने हम सभी को एक मौका दिया है। इसमें हम वैश्वीकरण की नए संकल्पना की ओर देख सकते हैं।”

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुझाव पर यह आपात बैठक बुलाई गई थी। इस दौरान जी-20 देशों ने वायरस के संकट से निपटने के लिए वैश्विक अर्थव्यवस्था में पाँच लाख करोड़ डॉलर के निवेश का निर्णय लिया।

प्रधानमंत्री ने कहा, “यह आर्थिक और वित्तीय मुद्दों को दूर करने का मंच बनकर रह गया है। हमें कई स्तर पर वैश्वीकरण ने विफल कर दिया है। फिर चाहे आतंकवाद हो या जलवायु परिवर्तन से मुकाबला। हमें साझा योजना बनानी होगी, जिससे समाज के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों और विश्व स्वास्थ्य संगठन को मजबूत किया जा सके।”

उन्होंनें कहा, “कोरोनावायरस का संकट तीन महीने से है। अब तक हम इससे निटपने के तरीके खोज रहे हैं। इसमें 90 प्रतिशत मामले और 88 प्रतिशत मौतें जी-20 देशों में ही हुई हैं।”

कॉन्फ्रेंसिंग में अमेरिकी और चीनी राष्ट्रपति भी शामिल हुए। सूत्रों की मानें तो इस दौरान कोरोनावायरस की उत्पत्ति को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। पूरी चर्चा इस बात पर केंद्रित थी कि आखिर किस तरह इस चुनौती से निपटा जाए।