समाचार
केपी शर्मा ओली के राम जन्मभूमि पर दावे के बाद संतों का धर्मादेश, विरोध प्रदर्शन संभव

प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के भगवान राम पर दिए गए विवादित बयान के बाद अयोध्या के राम दल ट्रस्ट के अध्यक्ष रामदास महाराज ने कहा कि मंगलवार (14 जुलाई) से नेपाल में उनके शिष्य विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतरेंगे।

आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, रामदास महाराज ने कहा, “मेरे लाखों शिष्य नेपाल में रहते हैं। नेपाल के प्रधानमंत्री को एक महीने के अंदर कुर्सी से उतरना पड़ेगा। यह धर्मादेश मैं जारी करता हूँ। मेरे शिष्य उन्हें सत्ता से बाहर करेंगे।”

धर्मगुरु महंत परमहंस ने कहा, “केपी शर्मा ओली खुद नेपाली नहीं है। वह देश को पाकिस्तान की तर्ज पर भिखारी बनाने पर तुले हुए हैं। वह अपनी जनता को धोखा दे रहे हैं। चीन ने उनके 24 से अधिक गाँवों पर कब्जा कर रखा है। उसको छिपाने के लिए वह भगवान राम के नाम का सहारा ले रहे हैं।

राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य दिनेंद्र दास ने कहा, “हमारे लिए अयोध्या एक है और यही रहेगी। राजनीति में कोई कुछ भी बोल सकता है। मुख्य अयोध्या है, जहाँ सरयू माता हैं। राम जी की अयोध्या यही है।”

बता दें कि केपी शर्मा ने दावा किया था कि श्रीराम की नगरी अयोध्या भारत में नहीं बल्कि नेपाल के बाल्मिकी आश्रम के पास है। हम लोग आज तक इस भ्रम में हैं कि सीता का विवाह जिस राम से हुआ है, वह भारतीय हैं। वह भारतीय नहीं बल्कि नेपाली हैं। जनकपुर से पश्चिम में रहे बीरगंज के पास ठोरी नामक जगह में एक बाल्मिकी आश्रम है, वहाँ के ही राजकुमार राम थे। बाल्मिकी नगर नामक जगह अभी बिहार के पश्चिम चम्पारण जिले में है, जिसका कुछ हिस्सा नेपाल में भी है।