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पीएम केयर्स फंड के उपयोग से सार्वजनिक अस्पतालों में वेंटिलेटर की संख्या तिगुनी हुई

देश की स्वास्थ्य क्षमताओं और इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रोत्साहन के लिए पीएम केयर्स फंड और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) को आपूर्ति किए गए वेंटिलेटर देश के सार्वजनिक अस्पतालों में वेंटिलेटर की उपलब्धता को तीन गुना से अधिक कर चुके हैं।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, देश के सार्वजनिक अस्पतालों में वेंटिलेटर की गिनती कोविड-19 महामारी से पहले करीब 16,000 यूनिट थी। पिछले वर्ष महामारी की शुरुआत के बाद जब पीएम केयर्स फंड की स्थापना की गई, तब से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लगभग 43,800 नए वेंटिलेटर की आपूर्ति की गई।

इस बीच, यह गौर किया जाना चाहिए कि कोविड-19 महामारी से पहले देश के सार्वजनिक और निजी अस्पतालों में वेंटिलेटर की कुल संख्या गैर-सरकारी अनुमानों के अनुसार लगभग 47,500 थी।

इसके अलावा, महामारी से पहले वेंटिलेटर की उपलब्धता महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक जैसे बड़े राज्यों में भी सीमित थी, जिनके पास क्रमशः करीब 5,800, 7,000 और 6,600 वेंटिलेटर थे।

कई राज्यों में मशीनों का पूरी तरह से उपयोग नहीं होने के मामले सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने राज्यों से वेंटिलेटर का पूरी तरह से उपयोग करने का भी आग्रह किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कल केंद्र द्वारा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) को प्रदान किए गए वेंटिलेटर की स्थापना और संचालन के तत्काल ऑडिट का आह्वान किया।