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पीएलआई योजना, विनिर्माण के लिए सरकार की इच्छाशक्ति पर अमिताभ कांत के उत्तर

वेदांता रिसोर्सेज़ लिमिटेड के सहयोग से स्वराज्य द्वारा आयोजित “रोड टू आत्मनिर्भर भारत” शृंखला के तीसरे सत्र में नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने पीएलआई योजना पर विस्तृत चर्चा की। प्रश्न-उत्तर का कुछ अंश प्रस्तुत है-

पीएलआई योजना से क्या लाभ होगा?
यदि कंपनियाँ अपनी उत्पादक क्षमता बढ़ाती हैं तो इससे न सिर्फ सरकार और देश का लाभ होता है बल्कि कंपनियाँ खुद का विस्तार करने में भी सक्षम हो जाती हैं। इसके माध्यम से हम विदेशी कंपनियों को भी भारत में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहते हैं।

भारत में विनिर्माण के प्रोत्साहन पर कुछ लोग पूर्ण रूप से सहमत नहीं हैं, इसपर आप क्या कहेंगे?
यदि आप भारत को सच में विकसित करना चाहते हैं तो अकेले सेवा क्षेत्र के विकास से बात नहीं बनेगी क्योंकि उससे रोजगार के अधिक अवसर उत्पन्न नहीं होंगे। ऐसे में विनिर्माण को बढ़ावा आवश्यक है और लघु, छोटे और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देकर इस दिशा में आगे बढ़ा सकता है। सरकार ने एक अच्छा काम किया है कि पीएलआई के लिए उन्हीं क्षेत्रों को चुना है जिसमें तेज़ी से वृद्धि का विकल्प है।

क्या पीएलआई योजना को लागू करने में देरी हो रही है?
ऐसा नहीं है। जिन क्षेत्रों में पीएलआई को पहले ही स्वीकृति मिल गई है, वहाँ यह लागू हो रही है। जिन नए क्षेत्रों को चुना गया है, वे जल्द ही स्वीकृति प्राप्त होने के बाद लागू की जाएँगी।

क्या कोविड-19 के कारण भारत को विनिर्माण का अवसर मिला है?
सरकार कड़े सुधार लेकर आई है। अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है लेकिन सरकार ने राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखा दी है। चीन बनना आसान नहीं है, और कड़े निर्णय लिये जाने चाहिए।