समाचार
वंदे मातरम को मिले राष्ट्रगान के समान दर्जा, दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर

दिल्ली उच्च न्यायालय में सोमवार को याचिका दायर कर अनुरोध किया गया कि राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को राष्ट्र गान जन गण मन के समान दर्जा देने वाला कानून बनाने का निर्देश केंद्र सरकार को दिया जाए। भाजपा नेता और वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय ने यह याचिका दायर की है।

द इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, याचिका में कहा गया कि बंकिम चंद्र चटर्जी के लिखे राष्ट्र गीत वंदे मातरम को रवीन्द्र नाथ टैगोर के लिखे राष्ट्र गान जन गण मन के समान ही सम्मान दिया जाए। याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होने की संभावना है।

अश्विनी कुमार उपाध्याय ने कहा, “राष्ट्रीय गीत ने स्वतंत्रता आंदोलन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 1896 सत्र में रवींद्रनाथ टैगोर ने पहली बार राजनीतिक संदर्भ में इसे गाया था। जन गण मन और वंदे मातरम को बराबर सम्मान देना होगा। जन गण मन में जिन भावनाओं को व्यक्त किया गया है, उन्हें राष्ट्र को ध्यान में रखते हुए अभिव्यक्त किया गया है।”

उन्होंने आगे कहा, “वंदे मातरम में जिन भावनाओं को अभिव्यक्त किया गया वो देश के चरित्र को बताता है। याचिका में माँग की गई कि ‘वंदे मातरम’ को ‘जन गण मन’ के बराबर सम्मान दिया जाएगा और दोनों का दर्जा समान होगा।”