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फोनपे शेयर ब्रोकिंग व्यवसाय में आने के लिए कर रहा सेबी के लाइसेंस की प्रतीक्षा- रिपोर्ट

डिजिटल भुगतान की दिग्गज कंपनी फोनपे अपने ग्राहकों को उनके वॉलेट में पड़े धन को शेयर बाजार में निवेश करने के लिए जल्द प्रोत्साहित कर सकती है। दरअसल, यह बड़ी कंपनी प्रतिस्पर्धी शेयर ब्रोकिंग व्यवसाय में आना चाहती है।

मनी कंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, बेंगलुरु की यह कंपनी भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) से अधिकार पत्र प्राप्त करने की प्रतीक्षा कर रही है। सेबी से अनुमति मिलने के बाद ही यह पूर्ण विविध वित्तीय सेवा की कंपनी बन पाएगी।

वित्त-तकनीक स्टार्टअप आगामी वर्षों में बीमा, निवेश और व्यवसाय मोर्चे पर अपनी सेवाओं का विस्तार करने के लिए भी तैयार है। हालाँकि, उसकी अभी ऋण बाज़ार में प्रवेश करने की कोई योजना नहीं है।

हाल के अनुमानों के अनुसार, फोनपे ने यूनाइटेड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) बाज़ार का 44 प्रतिशत हिस्सा अपने कब्ज़े में कर लिया है। मार्च 2021 में उसने 1.19 अरब यूपीआई लेन-देन की सुविधा दी थी।

हालाँकि, यूपीआई ने फोनपे को यूपीआई पर अपने संस्करणों के संतुलन को अपनाने के लिए कहा है क्योंकि नेशनल कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) के नए थर्ड पार्टी एप्लिकेशन नियमों के अनुसार, वह संबंधित कंपनियों को मार्केट शेयर का 30 प्रतिशत से अधिक हिस्सा नहीं रखने के लिए बाध्य करता है।

बता दें कि फोनपे ने पहले ही 2019 में म्यूचुअल फंड्स के बाज़ार में प्रवेश कर लिया था और अब वह शेयर ब्रोकिंग व्यवसाय में अपने कदम बढ़ा रहा है।