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तेल कंपनियों को पी305 दुर्घटना के बाद मानक संचालन प्रक्रियाओं के पालन का निर्देश

केंद्र सरकार ने तेल अन्वेषण और उत्पादन कंपनियों को चक्रवात ताउते की वजह से अरब सागर में नाव पी305 के डूबने से 70 प्रतिशत से अधिक अनुबंध कर्मचारियों के निधन के बाद श्रमिकों की सुरक्षा के लिए मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का पालन करने के लिए कहा है।

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा तेल कंपनियों से कहा गया कि वे अपनी आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को सक्रिय करें। इसके पश्चात संबंधित एसओपी का पालन करने के लिए प्रत्येक स्थापना को आदेश दें।

ऐसा आईएमडी की चेतावनी के बाद तैयारी के लिए किया गया है कि चक्रवात यास संभवत: भारत के पूर्वी तट पर भीषण चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा। असलियत में, ओएनजीसी के लगभग पाँच जहाजों ने प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना किया। इसके परिणामस्वरूप चक्रवात ताउते में पी305 पर 70 मौतें हुईं।

इसके अलावा, केंद्र सरकार के अधिकारियों ने कहा कि कोविड-19 महामारी के लिए राहत उपाय सर्वोच्च प्राथमिकता हैं क्योंकि पूर्वी राज्य देश भर में ऑक्सीजन की आपूर्ति के प्रमुख स्रोत हैं। एनडीआरएफ की लगभग 75 टीमों को उत्तर प्रदेश, बिहार और गुजरात से एयरलिफ्ट किया गया है और इनमें से 59 टीमों को भूमि पर तैनात किया जाना है।

इकोनॉमिक टाइम्स ने सरकार के अधिकारियों में से एक के हवाले से कहा, “सड़क, रेलवे और जहाजों के माध्यम से ऑक्सीजन के उत्पादन और आवाजाही को फिर से शुरू करने के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। चिकित्सा उपकरणों की सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।”