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सर्वोच्च न्यायालय में भाजपा नेताओं पर एफआईआर दर्ज करने को लेकर याचिका दायर

दिल्ली हिंसा मामले में हर्ष मंदर ने सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर भड़काऊ भाषण देने पर भाजपा नेता कपिल मिश्रा, अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। यह याचिका दिल्ली उच्च न्यायालय के सुनवाई टालने के खिलाफ दायर की गई है।

इससे पूर्व, बुधवार को हर्ष मंदर की याचिका पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने पुलिस को फटकार लगाते हुए कहा था, “आप एफआईआर दर्ज क्यों नहीं कर रहे हैं। पूरा देश इस सवाल को पूछ रहा है। अनुराग ठाकुर, परवेश वर्मा और कपिल मिश्रा पर ही एफआईआर नहीं बल्कि भड़काऊ भाषण देने वाले अन्य नेताओं पर भी वीडियो के आधार पर मामले दर्ज हों।”

न्यायालय ने सख्ती दिखाते हुए कहा था, “पुलिस इस मामले में 24 घंटे में बताए कि क्या कार्रवाई की। इन्हीं तरीकों से दिल्ली में शांति बहाल की जा सकती है। हम नहीं चाहते कि हिंसा 1984 दंगे का रूप ले ले।”

इसके बाद गुरुवार को सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता तुषार मेहता ने कहा था कि भड़काऊ भाषण देने वाले नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का अभी सही वक्त नहीं है। अभी सरकार और सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान शांति बहाल करने पर है। इस मामले में अब तक 48 एफआईआर दर्ज हुई हैं। इस पर मामले की सुनवाई चार सप्ताह टाल दी थी। साथ ही गृह मंत्रालय को पक्षकार बनाते हुए भड़काऊ भाषण मामले में विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।

गौर करने वाली बात यह है कि दिल्ली हिंसा को लेकर केवल भाजपा के ही नहीं बल्कि कई अन्य दलों के नेताओं ने भड़काऊ भाषण दिए थे लेकिन उनका नाम लेकर कार्रवाई की बात नहीं की जा रही है।