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राम जन्मभूमि पर नमाज़ पढ़ने की ख़्वाहिश पड़ी महंगी, कोर्ट ने खारिज की याचिका

राय बरेली आधारित अल रहमान ट्रस्ट द्वारा राम जन्मभूमि के विवादित स्थल पर दायर की गई नमाज़ पढ़ने की याचिका को प्रयागराज उच्च न्यायालय की लखनऊ बेंच ने गुरुवार (20 दिसंबर) को खारिज कर दिया। इसके साथ ही ट्रस्ट पर 5 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया।

इस याचिका को न्यायालय ने सस्ती लोकप्रियता से प्रेरित बताकर कहा कि इससे कोर्ट का समय व्यर्थ हुआ है। साथ ही जुर्माना राशि प्राप्त न होने पर अयोध्या के डीएम को सख्ती के साथ यह राशि वसूलने के निर्देश भी दिए हैं।

याचिकाकर्ता राय बरेली के गांधी नगर मोहल्ले में रहने वाले शरीफ ने उस स्थान पर नमाज़ पढ़ने की माँग की थी जिसका एक तिहाई भाग 30 सितंबर 2010 के निर्णय में मुसलमानों को दिया गया था। याचिकाकर्ता का दावा था कि जिस प्रकार हिंदुआों को पूजा करने की अनुमति मिली है, वैसा ही समान अधिकार मुसलमानों को भी मिलना चाहिए।

प्रदेश सरकार के अधिवक्ता श्रीप्रकाश सिंह ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि जब मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है, ऐसे में इस प्रकार की याचिका पर निर्णय नहीं लिया जा सकता है।