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बाहर फँसे लोग अब अपने राज्य जा सकेंगे, गृह मंत्रालय ने जारी किए दिशानिर्देश

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कोरोनावायरस की वजह से हुए लॉकडाउन में देश के अलग-अलग स्थानों पर फँसे प्रवासी श्रमिकों, पर्यटकों, छात्रों आदि को आने-जाने की अनुमति दे दी है। हालाँकि, इसके लिए राज्य की सहमति की ज़रूरत होगी।

न्यूज़18 की रिपोर्ट के अनुसार, गृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि सभी राज्य व केंद्रशासित प्रदेश अपने यहाँ फँसे लोगों को उनके राज्यों में भेजने और दूसरी जगहों से अपने-अपने नागरिकों को लाने के लिए मानक नियम बनाएँ।

राज्य और केंद्रशासित प्रदेश नोडल प्राधिकरण बनाएँगे। ये अपने यहाँ फँसे लोगों का पंजीयन करेंगी। जिन राज्यों के बीच लोगों की आवाजाही होनी है, वहाँ के प्राधिकरण एक-दूसरे से संपर्क कर सड़क के जरिए लोगों की आवाजाही सुनिश्चित करेंगे। जो लोग जाना चाहेंगे, उनकी स्क्रीनिंग होगी। उनमें कोविड-19 के कोई लक्षण मिलेंगे तो जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

लोगों की आवाजाही के लिए बसों का प्रयोग होगा। उनको सेनिटाइज करने के बाद उसमें सामाजिक दूरी के नियम के मुताबिक ही उनको बैठाया जाएगा। कोई भी राज्य इन बसों को अपनी सीमा में प्रवेश करने से नहीं रोकेगा और उन्हें गुज़रने की अनुमति देगा।

अपने गंतव्य पर पहुँचे लोगों की स्वास्थ्य विभाग की टीम जाँच करेगी। बाहर से आए लोगों को होम क्वारन्टाइन किया जाएगा। आवश्यकता पड़ी तो उन्हें अस्पतालों/स्वास्थ्य केंद्रों में भी भर्ती किया जा सकता है। ऐसे लोगों को आरोग्य सेतु का इस्तेमाल करना होगा, ताकि उनके स्वास्थ्य पर नज़र रखी जा सके।