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पाकिस्तान के हमलों से परेशान हो कर लोगों ने खाली किए अपने गाँव

उरी शहर के जिन लोगों को पाकिस्तान के तरफ से होने वाले हमलों के कारण सरकारी शिविरों में रखा गया था, अब उन लगों ने नियंत्रण रेखा पर बने अपने घरों में वापिस जाने से मना कर दिया है, इंडिया टुडे  ने रिपोर्ट किया।

जम्मू-कश्मीर का एक गाँव कमलोटे जो कि शून्य रेखा पर स्थित है, वह वहां हुई तबाही की साफ़ तस्वीर दिखता है। पाकिस्तान के तरफ से हुई गोलंदाजी में बहुत से घर टूट चुके हैं, एक खबर के अनुसार पिछले हफ्ते ही उस गाँव में इस गोलंदाजी से सात लोग घायल हुए हैं।

उरी शहर में लोगों ने विशाल रूप में विरोध प्रदर्शन किया और सरकार से मांग की कि वह नियंत्रण रेखा पर और सीमा से सटे गांवों में रहने वाले लोगों के लिए भूमिगत बंकर बनवाए।

भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनावों के कारण उत्तर कश्मीर के बारामुल्ला जिले के उरी उपखंड के लोगों ने भी अपने दूसरी तरफ से होने वाली गोलंदाजी के कारण छोड़ दिए हैं।

मुफाद अहमद जो कि उरी शहर में एक लड़कियों के स्कूल के मुख्याध्याक है उन्होंने कहा कि वह कमलोटे गाँव के लोगों का दर्द समझते हैं, इसीलिए उन्होंने उन सभी लोगों के लिए स्कूल के दरवाज़े खोल दिए है जो जो लोग सीमा से सटे अपने गाँवों को छोड़-छोड़कर आ रहे हैं।