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पेगासस पर एमनेस्टी इंटरनेशनल- 50,000 लोगों की सूची का जासूसी से सीधा संबंध नहीं

पेगासस के माध्यम से कथित जासूसी पर अब एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा है कि 50,000 लोगों की जो सूची सामने आई थी, उसके विषय में इसने कभी नहीं कहा कि वह “एनएसओ की पेगासस स्पाईवेयर सूची” थी बल्कि यह मात्र “एनएसओ के ग्राहकों की जिन नंबर में रुचि थी”, उसकी सूची थी।

संस्था ने आगे कहा, “कंपनी के ग्राहकों की रुचि की ओर यह सूची संकेत करती है जिन्होंने पत्रकारों, मानवाधिकार एक्टिविस्टों, राजनीतिक विरोधियों, वकीलों, आदि की निगरानी में रुचि दिखाई थी।” एनएसओ समूह इस विषय में मंगलवार (20 जुलाई) शाम को ही स्पष्टीकरण दे चुका था-

मीडिया रिपोर्टों में आए कम-से-कम तीन नामों- फ्रांस के राष्ट्रपति इमैन्युअल मैक्रों, किंग मोहम्मद छठे और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के निदेशक टेड्रोस अधानोम के विषय में कहा जा सकता है कि “वे एनएसओ समूह के ग्राहकों द्वारा चयनित नहीं हैं, न ही इनपर निगरानी रखी जा रही है, न कभी रखी गई थी।”

भारत के केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में सोमवार (19 जुलाई) को बताया था कि एनएसओ समूह का मानना है कि “जासूसी के दावे आधारभूत जानकारी के लीक्ड डाटा का गलत तात्पर्य निकालने पर आधारित हैं। इस सूची पर नाम होने का अर्थ यह नहीं है कि वे पेगासस या एनएसओ के किसी अन्य उत्पाद के निशाने पर थे।”