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प्रशांत किशोर के हस्तक्षेप से नाराज़ तृणमूल के बैरकपुर विधायक नहीं लड़ेंगे चुनाव

2021 में पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की रणनीतियों की ज़िम्मेदारी ममता बनर्जी ने प्रशांत किशोर की एजेंसी आई पैक को दी थी। हालाँकि, उनकी दखलअंदाजी को पार्टी के नेता हज़म नहीं कर पा रहे हैं। पार्टी के कई नेताओं ने इसको लेकर खुले मंच पर विरोध जताया है।

हिंदुस्तान लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, टीएमसी की बैरकपुर विधानसभा से विधायक सिलभद्र दत्ता ने कहा, “एक बाहरी एजेंसी मुझे सिखा रही कि राजनीति कैसे करूँ। मैं जब छठवीं कक्षा में था, तब राजनीति में आया था। अब मैं 62 वर्ष का हूँ। मुझे उसके कर्मचारी से सुनने को मिला कि वोटों के बारे में चिंता मुझे करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि इसके लिए एजेंसी को चुना गया है। वह लोगों के बीच मेरा जाति आधिरत परिचय देना चाहते हैं।”

कूच बिहार साउथ से विधायक मिहिर गोस्वामी ने कहा, “प्रशांत किशोर की एजेंसी अगर निर्देश देगी कि कैसे काम करें तो यह पार्टी के लिए अच्छा नहीं होगा। अगर कोई पार्टी चाहती है कि एजेंसी पार्टी को चलाए तो शत प्रतिशत नुकसान ही होगा। कार्यकर्ताओं को पार्टी के सभी काम संभालने चाहिए।”

टीएमसी के एक और वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “परिवहन मंत्री सुवेंदू अधिकारी को आई-पैक का हस्तक्षेप बिल्कुल भी पसंद नहीं। एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था, “1995 में मैं अविभाजित कांग्रेस का काउंसलर था। मैं पैराशूट से नहीं कूदा हूँ और न मैंने लिफ्ट ली है। मैं एक-एक कदम सीढ़ी चढ़ा हूँ और हमें कोई नहीं रोक पाएगा।”

अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर ममता बनर्जी ने कुछ नए चेहरों को लाने और कुछ पुराने चेहरों को हटाने के लिए बड़ा बदलाव किया। कहा जा रहा है कि इसमें प्रशांत किशोर की टीम का वर्षभर का आँकलन है।