समाचार
पैनल की सरकार से सिफारिश- पाँच लाख तक की आय वालों का हो कर में छूट

प्रत्यक्ष कर प्रणाली टास्क फोर्स ने सरकार से सिफारिश किया है कि पाँच से 10 लाख रुपए तक की रकम के कर में छूट दी जाए, जिससे मध्यमवर्गीय को कर चुकाने में राहत मिल सकें।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट केअनुसार, पिछले सप्ताह सौंपी गई अपनी रिपोर्ट में टास्क फोर्स ने सुझाव दिया कि सरकार टैक्स स्लैब या टैक्स ब्रैकेट की संख्या को चार से बढ़ाकर पाँच कर दें और साथ ही कई दर पिछले दर की तुलना में कम कर सकती है। इस सिफारिश के अनुसार, 5 लाख रुपये तक की आय वाले लोगों को शून्य कर का भुगतान करना होगा। 5 लाख रुपये से 10 लाख रुपये तक की आय पर 10 प्रतिशत के हिसाब से कर लगेगा।

वर्तमान में 2.5-5 लाख रुपये के बीच कमाने वाले लोग पाँच प्रतिशत की दर से कर का भुगतान करते हैं। 5-10 लाख रुपये के आय वर्ग में आने वाले करदाता 20 प्रतिशत कर का भुगतान करते हैं। टास्क फोर्स द्वारा 20 प्रतिशत की दर को कम करने की सिफारिश स्वीकार किए जाने पर 10 लाख से 20 लाख रुपये की आय वाले लोगों के लिए स्लैब, जो वर्तमान में 30 प्रतिशत कर का भुगतान करते हैं को भी राहत मिलेगी।

पैनल ने 20 लाख से 2 करोड़ रुपये का चौथा टैक्स स्लैब प्रस्तावित किया है, जो 30 प्रतिशत की कर दर और पाँचवा स्लैब 2 करोड़ रुपये और उससे अधिक होगा, जो 35 प्रतिशत की दर को आकर्षित करेगा।

हिंदुस्तान टाइम्स ने चार्टर एकाउंटेंट जितेंद्र छाबड़ा के हवाले से लिखा है कि सिफारिश में हर करदाता के लिए कुछ न कुछ है, लेकिन सटीक लाभों की गणना स्पष्ट होने के बाद ही की जा सकती है कि पैनल ने उपकर और अधिभार हटाने का प्रस्ताव किया है या नहीं। उन्होंने कहा कि दर में कमी से कुल व्यक्तिगत कर संग्रह घट जाएगा।अर्थव्यवस्था में वृद्धि के साथ संख्या में सुधार होगी।