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करतारपुर कॉरिडोर- पाकिस्तान के सेवा शुल्क की तुलना अमरिंदर सिंह ने “जज़िया” से की
आईएएनएस - 20th September 2019

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने करतारपुर कॉरिडोर को लेकर पाकिस्तान की ओर से वसूले जा रहे शुल्क की तुलना मुस्लिम देशों में गैर-मुस्लिमों पर पहले के समय में लगाए गए कर जज़िया से की है। उन्होंने करतारपुर साहिब आने वाले श्रद्धालुओं पर प्रस्तावित शुल्क को वापस लेने की मांग दोहराई है।

एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री ने बताया, “बादशाह अकबर ने अपने शासन के दौरान विवादास्पद कर को खत्म कर दिया था। श्रद्धालुओं पर 20 डॉलर का प्रस्तावित शुल्क विभाजन के बाद पाकिस्तान में बने रहने वाले गुरुद्वारों या सिख मंदिरों में ‘खुले दर्शन दीदार’ की अनुमति देने की सिख विचारधारा की मूल भावना के विरुद्ध है।”

गुरदासपुर जिले के डेरा बाबा नानक में संवाददाताओं से कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा, “मैंने पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पाकिस्तान पर प्रस्तावित सेवा शुल्क को वापस लेने का दबाव बनाने के लिए हस्तक्षेप करने की मांग की थी।”

उन्होंने भरोसा जताया कि 30 अक्टूबर तक भारतीय सीमा पर करतारपुर कॉरिडोर का काम पूरा हो जाएगा। गुरुनानक देव की 550 वीं जयंती के अवसर पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) के साथ मतभेदों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “वार्ता सौहार्दपूर्ण ढंग से हो रही है। कैबिनेट सहयोगी सुखजीत सिंह रंधावा ने बुधवार को उनसे मुलाकात की थी, ताकि सभी मुद्दों को हल निकाला जा सके।”

समीक्षा बैठक से नवजोत सिंह सिद्धू की अनुपस्थिति पर मुख्यमंत्री ने कहा, “यह मंत्रिमंडल की समीक्षा थी और सिद्धू अब मंत्रिमंडल में मंत्री नहीं रहे।” संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट के बारे में कैप्टन ने कहा, “इसको लागू करने का अंतिम फैसला केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों पर छोड़ा है। पंजाब के संबंधित मंत्री इस कानून की समीक्षा कर रहे हैं।”