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अफगानिस्तान में भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर पर आईएसआई करवा सकता है आत्मघाती हमले

पाकिस्तान की इंटर-सर्विस इंटेलिजेंस (आईएसआई) अफगानिस्तान में भारतीय मिशनों पर कार बम आत्मघाती हमलों को अंजाम देने के लिए लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और इस्लामिक स्टेट के साथ साजिश कर रही है।

इंडिया टुडे  की रिपोर्ट के अनुसार, खुरासान प्रांत का इस्लामिक स्टेट (आईएसकेपी) अफगानिस्तान-पाकिस्तान क्षेत्र में बहुत सक्रिय है। यह भारत से कुछ भर्तियाँ भी करता है। कई विशेषज्ञ मानते हैं कि लश्कर-ए-तैयबा ने आईएसआई को हमलों की साजिश रचने के लिए आईएस के साथ साझेदारी करने की जिम्मेदारी दी थी।

हाल ही में सैकड़ों आईएस कैडरों ने अपने परिवारों के साथ अफगानिस्तान में सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था, जिनमें से 10 कथित तौर पर भारतीय हैं। इनमें से ज्यादातर केरल के हैं।

खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, 5 आत्मघाती हमलावरों ने काबुल, जलालाबाद और हेरात प्रांतों में भारतीय अभियानों के खिलाफ हमलों को अंजाम देने के लिए प्रशिक्षण प्राप्त किया है।

अफगानिस्तान में इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में काम करने वाले भारतीयों के खिलाफ हमलों की भी योजना है। भारत ने अफगान संसद के निर्माण सहित कई इंफ्रास्ट्रक्चरों को विकसित करने में मदद की है।