समाचार
सऊदी अरब के नकारने के बाद समर्थन के लिए चीन के पास पहुँचे पाकिस्तानी विदेश मंत्री

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान द्वारा सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा को कोई महत्व न दिए जाने के बाद समर्थन पाने के लिए चीन की यात्रा पर गए हैं।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, कुरैशी अब समर्थन की तलाश के लिए अपने समकक्ष वांग यी से मिलने चीन गए हैं। इससे पहले पाकिस्तान को उम्मीद थी को वह समर्थन उन्हें सऊदी अरब से मिलेगा।

कुरैशी ने कहा, “मैं चीन की बहुत महत्वपूर्ण यात्रा पर जा रहा हूँ। मेरा प्रतिनिधिमंडल देश के राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व के रुख का प्रतिनिधित्व करेगा। मुझे उम्मीद है कि विदेश मंत्री वांग यी के साथ मेरी बैठक दोनों देशों के लिए फायदेमंद साबित होगी।”

सऊदी अरब के साथ पाकिस्तान के रिश्तों में खटास तब आई, जब तुर्की को इस्लामिक दुनिया में सऊदी अरब का प्रतिद्वंद्वी बनाने के प्रयास किए गए। इस समूह में तुर्की नेता के रूप में उभरकर सदस्य राष्ट्र ईरान, मलेशिया और कतर के साथ वर्तमान इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) का विकल्प बनना चाहते हैं।

कुरैशी ने हाल ही में धमकी दी थी कि अगर सऊदी अरब की अगुआई वाला ओआईसी कश्मीर पर विदेश मंत्रियों की बैठक नहीं बुलाता है, तो प्रधानमंत्री इमरान खान इसे अपने सहयोगियों के साथ इस्लामिक राष्ट्रों के बीच आयोजित करेंगे।

इसने सऊदी अरब को परेशान किया, जो पहले से ही तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन की धमकी से परेशान है, ताकि वह सुन्नी मुस्लिम दुनिया के नेता के रूप में बदल सके।