समाचार
भारतीय सेना को मधु-पाश में फँसाने वाले पाकिस्तानी कॉल सेंटर का भंडाफोड़
आईएएनएस - 19th September 2019

भारतीय खुफिया एजेंसी ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए इस्लामाबाद से 116 किमी दूर झेलम शहर में पाकिस्तान के इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) द्वारा चलाए जा रहे एक कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है।

आईएसआई का यह प्रमुख काउंटर-इंटेलिजेंस हब कॉल सेंटर भारतीय सेना और सरकारी अधिकारियों को मधु-पाश में फँसाने के उद्देश्य से चलाया जाता था। यह कॉल सेंटर पाकिस्तान टेलीकम्युनिकेशन कंपनी लिमिटेड (पीटीसीएल) की मदद से संचालित किया जा रहा था।

आईएसआई समर्थित कॉल सेंटर भारतीय सिम कार्ड का उपयोग कर रहा था, जो पाकिस्तान कस्टम अधिकारियों द्वारा भारत से आए रिश्तेदारों, पर्यटकों से जब्त किए गए थे। दिल्ली पुलिस ने कुछ अन्य राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर इस सनसनीखेज हनी-ट्रेप मामले की देशव्यापी जाँच शुरू की है।

भारतीय सिम कार्डों और फर्जी भारतीय पहचान-पत्र के माध्यम से फेसबुक पर संगीता मिश्रा, आयशा रॉय, नीता सिंह आदि के नाम से अकाउंट बनाए गए थे। कॉल सेंटर से जुड़ी पाकिस्तानी लड़कियों को विशेष रूप से उत्तर भारतीय लहजे के साथ धाराप्रवाह हिंदी बोलने का प्रशिक्षण दिया जाता था।

आईएसआई संचालकों की मदद से इन लड़कियों ने मुख्य रूप से सोशल मीडिया मंचों पर भारतीय सुरक्षाकर्मियों को खोजा और बाद में उनसे संपर्क किया। लक्ष्य समूह के साथ प्रारंभिक चैट के बाद, लड़कियों ने फेसबुक पर वीडियो कॉल किए और उन्हें रिकॉर्ड किया।

दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने आईएएनएस  को बताया कि इस मामले का खुलासा तब हुआ जब दिल्ली की एक महिला से पूछताछ की गई। 30 वर्षीय महिला ने खुलासा किया कि पाकिस्तान यात्रा के दौरान उसका सिम कार्ड और फोन पाकिस्तान सीमा शुल्क द्वारा जब्त कर लिया गया था।

आगे की जाँच के दौरान यह पता चला कि दिल्ली महिला का एक ही सिम कार्ड दिल्ली मोबाइल नंबर का उपयोग झेलम सिटी से आईएसआई द्वारा संचालित पीटीसीएल कॉल सेंटर में किया जा रहा था।