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मसूद अज़हर के बदले में संयुक्त राष्ट्र में 4 भारतीयों को आतंकवादी घोषित करने का प्रयास

पाकिस्तान और चीन भारतीयों को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 अल कायदा प्रतिबंध समिति के तहत आतंकी घोषित करने की साजिश में लगे हैं।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी और दक्षिण खंड के अधिकारी इस घटनाक्रम पर नज़र बनाए हुए हैं।

राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी के अधिकारियों के अनुसार पाकिस्तान और चीन की यह हरकत जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अज़हर को अंतर-राष्ट्रीय आतंकवादी घोषित किए जाने से संबंधित है।

पिछले हफ्ते चीन और पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अलकायदा प्रतिबंध समिति में दो भारतीयों को आतंकवादी घोषित करने का प्रस्ताव लेकर गए थे।

दोनों देशों ने बताया कि दोनों भारतीयों ने भूतकाल में बलूचिस्तान और पेशावर में हमले किए हैं और उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है।

अभी तक पाकिस्तान द्वारा कुल चार भारतीयों को आतंकवादी घोषित करने की कोशिश हो चुकी है जिनको भारतीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा अफगानिस्तान से सुरक्षित बाहर निकल लिया गया था।

दो में से एक भारतीय, जिसके आतंकवादी होने का दावा पाकिस्तान ने किया है, का नाम अप्पाजी अंगारा है जो कि आंध्र प्रदेश का रहने वाला है और अफगानिस्तान के एक बैंक में सॉफ्टवेयर डेवलपर का काम करता है।

पाकिस्तानीयों ने अप्पाजी के ऊपर तहरीक-ए-तालिबान के किरच समूह जमात-उल-अहरार के साथ मिलकर 13 फरवरी 2017 को लाहौर में बम धमाके करने का आरोप लगाया है। इसके अलावा अप्पाजी पर पेशावर के सैन्य स्कूल में 16 दिसंबर 2014 को बम धमाके करने का भी आरोप लगाया है।

अप्पाजी के अलावा गोविंदा पटनायक डग्गीवालसा, अजॉय मिस्त्री और वेणु माधव डोंगारा को पाकिस्ताानियों ने आरोपी करार दिया है।