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पाकिस्तान की संघीय जाँच एजेंसी ने स्वीकारा देश के आतंकियों ने किया था 26/11 हमला

भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई में हुए 26/11 हमले में पड़ोसी देश के आतंकवादियों का हाथ होने की बात को पाकिस्तान की संघीय जाँच एजेंसी (एफआईए) ने बुधवार (11 नवंबर) को स्वीकार लिया है।

न्यूज़-18 की रिपोर्ट के अनुसार, एफआईए ने माना है कि ताज होटल पर हुए हमले लश्कर-ए-तैयबा के 11 आतंकवादियों ने योजनाबद्ध तरीके से किए थे।

भारत के लगातार दबाव बनाने के बाद पाकिस्तान ने हमले में शामिल आतंकवादियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्णय लिया। इसके तहत उसने इन आतंकवादियों को मोस्ट वांटेड घोषित कर दिया है। एफआईए ने इसकी नई सूची तैयार की है, जिसमें मुंबई हमले के आतंकी भी शामिल हैं।

हमले के लिए बोट खरीदने वाले आतंकवादी मुल्तान के मोहम्मद अमजद खान के अब भी देश में होने की बात को पाकिस्तान ने स्वीकार लिया है। सूची में 26/11 हमलों को लेकर जानकारी दी गई है कि नाव में 9 आतंकवादी सवार थे।

बता दें कि पहले इस मामले को हिंदू आतंकवाद का रंग दिया जा रहा था। बाद में मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त राकेश मारिया ने पुस्तक “लेट मी से इट नाउ” में अपनी जाँच की बात करते हुए कहा था कि हमले की योजना लश्कर ने बनाई थी। वह उसे हिंदू आतंकवाद के रूप में पेश करना चाहता था। अगर कसाब जिंदा न पकड़ा जाता तो वह समीर चौधरी के रूप में मारा जाता। उसके हाथ पर कलावा बांधकर भेजा गया था।

यही नहीं, कांग्रेस ने भी इसे हिंदू आतंकवाद का रंग देने की कोशिश की थी। दिग्विजय सिंह ने हिंदू आतंकवाद शब्द का प्रयोग किया था, जिसके बाद वे अपने बयान पर चौतरफा घिर गए थे। बाद में उन्होंने बात पलटते हुए कहा था कि हिंदू कभी आतंकवादी नहीं हो सकते हैं।