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पीओके पर दक्षिण कोरिया का भारत को आश्वासन “समर्थन नहीं”, दो रक्षा समझौते हुए तय

दक्षिण कोरिया ने भारत को भरोसा दिया है कि उसकी सरकार पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में काम कर रही कंपनियों का समर्थन नहीं करेगी, जिसने जम्मू-कश्मीर राज्य के हिस्से को अवैध रूप से पाकिस्तान में शामिल कर लिया है। वहीं, भारत ने दक्षिण कोरिया के साथ रक्षा संबंधी दो समझौते भी किए हैं।

इकोनॉमिक टाअइम्स  की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण कोरिया ने कहा, “इस मुद्दे को लेकर नीति 2014 से लागू है। क्षेत्र में दुकानें स्थापित करने वाली कंपनियों से सरकारी सब्सिडी और टैक्स छूट जैसे समर्थन वापस ले लिए गए हैं।”

भारत को यह आश्वासन तब मिला, जब पाकिस्तान में दक्षिण कोरियाई राजदूत के वहाँ की मीडिया रिपोर्टों के हवाले से कहा गया कि क्षेत्र में निवेश जारी रहेगा। भारत, चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) की परियोजनाओं पर अपनी चिंता के साथ मित्र राष्ट्रों के पास पहुँच गया है। सीपीईसी भारतीय संप्रभुता का उल्लंघन करता है।

दरअसल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दक्षिण कोरिया के दौरे पर हैं। वह प्रधानमंत्री ली नाक-योन से मिले। राजाथ सिंह ने जापान के प्रधानमंत्री शिंजो से भी मुलाकात की। दक्षिण कोरिया दौरे के दौरान रक्षा मंत्री ने दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों को बढ़ाने के लिए दो समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए।

इन दो समझौता का उद्देश्य एक-दूसरे की नौसेना बलों के लिए पारस्परिक माल-ढुलाई संबंधी समर्थन और दूसरा रक्षा शैक्षिक विनिमय का विस्तार करना है। इस दौरान दोनों देशों के बीच सर्विस टु सर्विस स्तर के सहयोग पर भी चर्चा हुई।