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इस्लामाबाद में प्रथम हिंदू मंदिर के निर्माण को फतवा जारी कर बताया “गैर-इस्लामिक”

गत सप्ताह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने राजधानी इस्लामाबाद में पहले हिंदू मंदिर के निर्माण के लिए 10 लाख रुपये की मंजूरी दी थी। अब देश के एक प्रमुख धार्मिक स्कूल ने इसके खिलाफ फतवा जारी करते हुए इसे “गैर-इस्लामिक” कहा है।

पाकिस्तान की मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, फतवा जामिया अशरफिया के लाहौर चैप्टर के मुफ्ती जिया-उद-दीन की ओर से आया है।

फतवे में कहा गया है कि इस्लामिक राष्ट्रों में गैर-मुस्लिमों के लिए मौजूदा ढाँचे की मरम्मत की अनुमति है लेकिन पूजा के नए स्थानों के निर्माण की मंजूरी नहीं है।

कथित तौर पर इस्लामाबाद में केवल 3,000 हिंदू हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि अल्पसंख्यक सांसद लाल मल्ही ने आश्वासन दिया है कि मंदिर फतवे के बावजूद बनाया जाएगा।