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पाकिस्तान ने अक्टूबर में 350 बार युद्धविराम उल्लंघन किया, 2019 में सबसे अधिक- सेना

पाकिस्तान की तरफ से जम्मू एवं कश्मीर नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर जारी युद्धविराम उल्लंघन की घटनाओं ने अक्टूबर में इस साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। सेना के अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि पिछले 11 महीनों की तुलना में अक्टूबर माह में सबसे ज्यादा बार युद्धविराम उल्लंघन हुआ।

सेना के अधिकारियों ने यह भी बताया कि नवंबर के पहले 11 दिनों में पाकिस्तान की ओर से करीब 97 से अधिक बार युद्धविराम उल्लंघन हुआ।

सेना ने बताया कि पाकिस्तान की ओर से युद्धविराम उल्लंघन जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा से सटे अलग-अलग इलाकों में हो रहा है। आपको बता दें कि युद्धविराम उल्लंघन की घटनाओं का आँकड़ा इससे पहले भी 300 के पार जा चुका है।

इसी साल अगस्त महीने में जब संसद ने जम्मू कश्मीर में संविधान के अनुच्छेद 370 का उन्मूलन किया था तो पाकिस्तान की ओर से बौखलाहट में जबरदस्त युद्धविराम का उल्लंघन हुआ और अगस्त महीने में यह आँकड़ा करीब 307 था।

“युद्धविराम उल्लंघन की घटनाएँ 5 अगस्त के बाद से कई गुना बढ़ चुकी हैं। यह दर्शाता है कि पाकिस्तान लगातार इस फिराक में है कि गोलीबारी कर घुसपैठियों को आवरण दे जिससे घुसपैठिए नियंत्रण रेखा के जरिए भारत में आसानी से दाखिल हो सकें। भारतीय सेना ने कई घुसपैठ की कोशिशों को अपनी जवाबी कार्यवाही में नाकाम किया है।”, सेना के अधिकारी ने कहा।

8-9 नवंबर की रात को पुंछ जिले के कृष्णा घाटी सेक्टर में करीब आधा दर्जन घुसपैठियों ने भारतीय सेना के खिलाफ गोलीबारी शुरू कर दी थी। पाकिस्तानी सैनिकों ने हमेशा की तरह घुसपैठियों की मदद के लिए कुछ छोटे हथियारों और मोर्टार का सहारा लिया।

घुसपैठियों की ओर से हुई इस गोलीबारी में एक भारतीय जवान वीरगति को प्राप्त हो गए। फिर भी भारतीय सेना की जबरदस्त जवाबी कार्रवाई के चलते घुसपैठिए भारत में दाखिल नहीं हो सके।

(वायर एजेंसी आईएएनएस से जानकारी)