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पाकिस्तान ने कानूनों का उल्लंघन कर गिलगित-बाल्टिस्तान में चीन को दी खनन की छूट

पाकिस्तान ने अंतर-राष्ट्रीय कानूनों और स्वयं के संविधान का उल्लंघन करते हुए कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान (जीबी) क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों के खनन के लिए चीनी कंपनियों को खुली छूट दे दी है।

इसके अलावा, इस्लामाबाद ने डियामर डिविजन में एक बड़ा बाँध बनाने के लिए पेइचिंग के साथ अरबों डॉलर के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए, जबकि यह क्षेत्र कानूनी रूप से भारत का है।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान सरकार ने गिलगित-बाल्टिस्तान में चीनी फर्मों को अवैध रूप से सोना, यूरेनियम और मोलिब्डेनम का खनन करने के लिए 2,000 से अधिक लीज दे दी है।

इसका खुलासा करते हुए गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र के एक प्रमुख राजनीतिक संगठन यूनाइटेड कश्मीर पीपल्स नेशनल पार्टी (यूकेपीएनपी) के मुख्य प्रवक्ता अजीज ने बताया, “हम अगले महीने जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र के सम्मेलन में प्राकृतिक संसाधनों को लूटने की पाकिस्तान की साजिश का पदार्फाश करेंगे।”

उन्होंने पाकिस्तानी संविधान के अनुच्छेद 257 का हवाला देते हुए कहा, “इस्लामाबाद में सरकार को जीबी क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों को लूटने का कोई अधिकार नहीं है। वहाँ नियमों की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। मीडिया रिपोर्ट नहीं कर सकता है। आवाज उठाने वाले लोगों को दंडित किया जा रहा है और प्राकृतिक संसाधनों को लूटा जा रहा है। पाकिस्तान चीन के हाथों का खिलौना बन गया है।”

स्विट्जरलैंड के जिनेवा में रहने वाले यूकेपीएमपी नेता ने आगे कहा, “स्थानीय लोगों से सलाह नहीं ली जाती है। उनके हितों को पूरी तरह से अनदेखी किया जाता है। जीबी क्षेत्र में चीन को इस तरह उपकृत करने का ये कदम अंतर-राष्ट्रीय कानूनों का भी उल्लंघन है।”