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पाकिस्तान की न्यायालय ने हाफिज सईद को साढ़े पाँच साल की सज़ा सुनाई, फिर भी शंका

दुनियाभर में खौफ का पर्याय बन चुके हाफिज़ सईद को पाकिस्तान की एक न्यायालय ने दो मामलों में साढ़े पाँच वर्ष की सज़ा सुनाई है। इस पर भारत ने संतोष जताते हुए कहा, “पठानकोट और मुंबई हमलों के मामलों में भी आतंकी पर कार्रवाई की जानी चाहिए।”

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान की आतंकरोधी अदालत (एटीसी) ने दो अलग-अलग मामलों में आतंकी को साढ़े पाँच वर्ष की सज़ा सुनाई। दोनों मामलों की सज़ा एकसाथ चलेगी। इसके अलावा, न्यायालय ने दोनों मामलों में सईद पर 15,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

न्यायालय के एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया, “पंजाब प्रांत में आतंकवाद को वित्त पोषण करने के दो मामलों में सईद को सज़ा दी गई है। आतंकवाद निरोधक अदालत ने प्रतिदिन सुनवाई कर 11 दिसंबर को सईद और उसके एक सहयोगी को दोषी करार दिया था।“

उधर, सरकार की ओर से कहा गया कि हमने मीडिया रिपोर्टों को देखा है। इसमें बताया गया कि पाकिस्तान ने आतंकी को आतंक के वित्त पोषण मामले में सजा सुनाई है। इसके अलावा, पाकिस्तान द्वारा आतंकी को सजा सुनाए जाने के समय पर शंका भी जाहिर की जा रही है। यह कदम उस वक्त उठाया गया है, जब वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) की बैठक होने वाली है।

सूत्रों ने कहा, पाकिस्तान की न्यायालय ने यह निर्णय एफएटीएफ की बैठक से पूर्व लिया है, जिस पर ध्यान देने की ज़रूरत है। यह देखना चाहिए कि पड़ोसी देश अपने नियंत्रण में आने वाले सभी आतंकवादी संगठनों और क्षेत्रों से काम करने वाले आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करेगा।