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सेना प्रमुख जावेद बाजवा का कार्यकाल बढ़ाने के पक्ष में न मंत्रिमंडल, न कोर्ट, फिर भी बढ़ा

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान का पाकिस्तानी सेना प्रमुख जावेद बाजवा के प्रति प्रेम खुले तौर पर सामने आया है। इसी स्नेह के चलते मंगलवार (26 नवंबर) को देश के सेना प्रमुख जनरल जावेद बाजवा का कार्यकाल बढ़ाने के लिए सैन्य नियमों में संशोधन किया गया है।

इमरान खान के नेतृत्व वाली सरकार ने नियम 255 में परिवर्तन किया है ताकि जावेद बाजवा को किसी तरह की न्यायिक प्रक्रिया का सामना ना करना पड़े, दैनिक जागरण  ने रिपोर्ट किया।

पाकिस्तानी सर्वोच्च न्यायालय ने नियमों में ऐसे किसी प्रावधान के नहीं होने की बात करते हुए बाजवा के कार्यकाल बढ़ाने के निर्णय को खारिज कर दिया था जिसके बाद इमरान सरकार ने यह निर्णय लिया है।

सूत्रों के अनुसार भारत-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव के कारण सेना प्रमुख बाजवा पाकिस्तानी सरकार की बड़ी ज़रूरत बन चुके हैं। इमरान सरकार का मानना है कि बाजवा का अनुभव भारत से निपटने में अहम भूमिका निभा सकता है।

भारत द्वारा अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से ही दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा हुआ है जिसके बाद ही पाकिस्तान सरकार ने बाजवा का कार्यकाल तीन वर्षों के लिए बढ़ा दिया था। वहीं इमरान सरकार ने कहा कि यह निर्णय देश में अमन और शांति कायम रखने के लिए लिया गया है।

गौरतलब है कि पाकिस्तानी सर्वोच्च न्यायालय ने जनरल कमर जावेद बाजवा के कार्यकाल को तीन साल बढ़ाने के पाकिस्तानी सरकार के निर्णय को खारिज कर दिया था। न्यायालय का निर्णय 29 नवंबर को बाजवा के सेवानिवृत्ति से पूर्व आया था।

बता दें कि इमरान मंत्रिमंडल में शामिल 25 सदस्‍यों में केवल 11 ने सेना प्रमुख के कार्यकाल के विस्‍तार के पक्ष में मत दिया था, जिसे बहुमत का फैसला नहीं कहा जा सकता।