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अहमदिया मुस्लिम की पीड़ा, “यूएस में कह सकता हूँ मुसलमान, पाकिस्तान में नहीं”

सोशल मीडिया पर वाइरल हुए वीडियो में अहमदिया पंथ के अब्दुल शुकूर को अपनी पीड़ा साझा करते हुए देखा जा सकता है जहाँ वे यूनाइटेड स्टेट्स (यूएस) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्र्म्प को पाकिस्तान में अपने समुदाय की स्थिति बता रहे हैं।

81 वर्षीय व्यक्ति ने पाकिस्तान में झेले गए भेदभाव और अत्याचार के बारे में बताया है। उन्होंने ट्रम्प से कहा कि 1974 में पाकिस्तान में समुदाय को गैर-मुस्लिम घोषित कर दिया गया था। उनके घरों और दुकानदारों को लूटा और जलाया गया।

“मैं खुद को यूएस में मुस्लिम कह सकता हूँ लेकिन पाकिस्तान में नहीं।”, अब्दुल ने अपना दुख बताते हुए कहा कि किताबें बेचने के लिए उन्हें जेल में डाला गया और उनपर जुर्माना लगाया गया। कैद से बाहर आने के बाद वे यूएस चले गए।

इस वीडियो को ट्विटर पर विभिन्न प्रतिक्रियाएँ मिल रही हैं। कुछ लोग ज़हर उगलते हुए कह रहे हैं कि अहमदिया मुस्लिम नहीं होते। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि यह इस्लामी मत के बीच की बात है, अंतर्राष्ट्रीय राजनीति का इसमें हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।