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अयोध्या मस्जिद पर नमाज़ को असदुद्दीन ओवैसी के हराम कहने पर ट्रस्ट ने की आलोचना

अयोध्या मस्जिद पर विवादित टिप्पणी के लिए एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर भड़कते हुए गुरुवार (28 जनवरी) को मस्जिद ट्रस्ट ने कहा कि ये टिप्पणियाँ उनके राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा हैं।

न्यूज़ 18 की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार (26 जनवरी) को कर्नाटक के बीदर में एक कार्यक्रम में बोलते हुए ओवैसी ने कहा था कि 5 एकड़ भूमि पर बनाई जा रही अयोध्या मस्जिद हराम या गैर-इस्लामी है। यहाँ तक ​​कि इसमें नमाज अदा करना या इसके निर्माण के लिए दान करना इस्लामिक सिद्धांतों के खिलाफ है।

अयोध्या मस्जिद ट्रस्ट और इंडो-इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन (आईआईसीएफ) सचिव अतहर हुसैन ने ओवैसी की आलोचना करते हुए कहा, “कोई भी भूमि का टुकड़ा जहाँ सर्वशक्तिमान अल्लाह के लिए प्रार्थना की गई हो, वह हराम हो सकती है क्या।”

उन्होंने कहा, “यह संभव है कि ओवैसी के पूर्वजों ने 1857 में ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ विद्रोह में हिस्‍सा ही न ल‍िया हो। हम अवध से हैं। अयोध्‍या में बनने वाला आईआईसीएफ इंडो इस्‍लामिक कल्‍चरल फाउंडेशन का यह केंद्र अहमदुल्‍लाह शाह को समर्पित है, जिन्‍होंने फैजाबाद को ब्रिटिश हुकूमत से करीब एक वर्ष के लिए स्वतंत्र बनाए रखा था।”

राम जन्मभूमि से लगभग 24 किलोमीटर दूर धनीपुर में मंगलवार (26 जनवरी) को तिरंगा फहराने और एक वृक्षारोपण अभियान के साथ अयोध्या मस्जिद निर्माण का औपचारिक शुभारंभ किया गया था।

मस्जिद के ट्रस्ट को इंडो-इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन नाम दिया गया है, जिसका गठन 2019 में अयोध्या में राम जन्मभूमि स्थल पर एक मंदिर के निर्माण के समर्थन में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद किया गया था।