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गोरखा समुदाय समेत 6,600 से अधिक लोगों को जम्मू-कश्मीर मूल निवास प्रमाण पत्र जारी

गोरखा समुदाय के अधिकांश सेवानिवृत्त सैनिकों, अधिकारियों के साथ 6,600 से अधिक लोगों को पिछले एक सप्ताह में केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) जम्मू-कश्मीर के प्रशासन द्वारा मूल निवासी प्रमाण पत्र जारी किए गए। इसके तहत उन्हें संपत्ति खरीदने, सभी केंद्र शासित प्रदेशों में नौकरियों के लिए आवेदन करने की अनुमति मिलती है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, जम्मू क्षेत्र में 5,900 से अधिक ऐसे प्रमाण पत्र जारी किए गए, जबकि 700 ऐसे प्रमाण पत्र कश्मीर संभाग के लोगों को जारी किए गए। अकेले जम्मू की बहू तहसील को लगभग 3,500 आवेदन मिले, जिनमें से गोरखा समुदाय के करीब 2,500 लोग पहले ही प्रमाण पत्र प्राप्त कर चुके हैं।

कई आवेदक वाल्मीकि समुदाय से हैं, जिन्हें 1957 में स्थानीय स्वच्छता कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने के बाद पंजाब राज्य से जम्मू-कश्मीर लाया गया था। प्रशासन को पहले ही कम से कम 33,000 आवेदन मिल चुके हैं और एक दिन में औसतन 200 आवेदन प्राप्त करना जारी है।

यह भी गौर किया जाना चाहिए कि 26 जून को नवीन कुमार चौधरी अधिवास प्रमाणपत्र प्राप्त करने वाले पहले वरिष्ठ गैर-स्थानीय अधिकारी बन थे। वह बिहार के एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं और 26 वर्षों तक जम्मू-कश्मीर सरकार में सेवा दे चुके हैं।