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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी- “अंतरिक्ष अन्वेषण की सफलता, गहरे समुद्र के नए सीमांत में भी दिखे”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक नए ज्ञानक्षेत्र में अंतरिक्ष अन्वेषण में भारत को मिली सफलता का अनुकरण करना चाहते हैं और वह ज्ञानक्षेत्र है, महासागरीय संसाधनों की खोज और उपयोग।

इंडिया टुडे की खबर के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेंगलुरु में भारतीय विज्ञान कांग्रेस में बोलते हुए इस लक्ष्य को सामने रखा। उन्होंने कहा कि भारत को महासागरों में पानी, ऊर्जा, भोजन और खनिज संसाधनों का मानचित्र बनाना चाहिए और उनका, ‘जिम्मेदारी से दोहन’, करना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने लालफीताशाही को कम करने के लिए और, “आसानी से विज्ञान करने”, में सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग सुनिश्चित करने में अपनी सरकार के लक्ष्य को दोहराया।

उन्होंने कथित तौर पर यह भी बताया कि वें नवाचार सूचकांक श्रेणी में भारत के सुधार के बारे में जानकर प्रसन्न थे।

प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत की विकास की कहानी विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में इसकी सफलता पर निर्भर करती है। भारतीय विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के परिदृश्य को बदलने की आवश्यकता है।”