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ईवीएम से छेड़छाड़ की आशंका पर स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर विपक्ष बना ‘चौकीदार’

ईवीएम में छेड़छाड़ की आशंका को लेकर सभी विपक्षी पार्टियाँ ‘चौकीदार’ की भूमिका में आ गई हैं। मध्यप्रदेश में दिग्विजय सिंह, उत्तर प्रदेश में राजबब्बर स्ट्रॉन्ग रूम का दौर कर रहे हैं तो सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने निगरानी के लिए पार्टी उम्मीदवारों और पदाधिकारियों को एक पत्र लिखा है।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कांग्रेस उम्मीदवार व वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने स्ट्रॉन्ग रूम का जायज़ा लिया, जहाँ सारी ईवीएम मशीने रखी हुई हैं। उत्तर प्रदेश के आगरा में फतेहपुर सीकरी से उम्मीदवार राज बब्बर ने भी स्ट्रॉन्ग रूम का दौरा किया। साथ ही कई जिलों में कांग्रेस व अन्य पार्टियों के नेताओं-कार्यकर्ताओं के स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर तैनात होने की सूचनाएँ मिल रही हैं।

अखिलेश यादव ने प्रत्याशियों को एक पत्र लिखा। इसमें उन्होंने कहा, “स्ट्रॉन्ग रूम खुलने के दौरान पार्टी का प्रत्याशी या पदाधिकारी वहाँ मौजूद रहे। वह मतगणना के समय खास सावधानी बरतें और तकनीकी बातों पर ध्यान दें।”

वीवीपैट की पर्चियों की ईवीएम से मिलान की माँग को लेकर विपक्षी दलों ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। वहाँ से उन्हें निराशा हाथ लगी तो वे चुनाव आयोग के दरवाजे पर गए लेकिन उसने भी सारे आरोपों को निराधार बताते हुए उन्हें वापस लौटा दिया। अब विपक्ष अपने तरीके से ईवीएम की ‘चौकीदारी’ में लग गई है।

उत्तर प्रदेश में इसकी सुरक्षा को लेकर चार जिलों गाजीपुर, चंदौली, डुमरियागंज और झाँसी में सवाल उठे थे। दरअसल, यह मामला तब उठा, जब सोशल मीडिया पर एक फर्ज़ी वीडियो वायरल कर दिया गया था। इसमें ईवीएम को हटाते हुए दिखाया गया था। इसे लेकर कुछ जगहों पर प्रदर्शन भी हुआ था।