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श्रीलंका में बचा तीन माह का विदेशी मुद्रा भंडार, कई विदेशी वस्तुओं का आयात प्रतिबंधित

पर्यटन के लिए पहचाना जाने वाला श्रीलंका पहले आर्थिक मोर्चे में पिछड़ा, फिर कोविड-19 महामारी ने उसकी कमर तोड़ दी। ऐसे में उसके विदेश मुद्रा भंडार में तेज़ी से कमी आई है। वह अपना भारी ऋण चुकाने के लिए भी संघर्ष कर रहा है।

आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, पड़ोसी देश ने विदेशी मुद्रा भंडार में तेज़ी से कमी के चलते कृषि रसायनों, कारों और अपने मुख्य मसाले हल्दी के आयात में कटौती की है।

श्रीलंका ने व्यापार घाटे को कम करने के लिए टूथब्रश, स्ट्रॉबेरी, सिरका, वेट वाइप्स और चीनी सहित सैकड़ों विदेशी वस्तुओं को प्रतिबंधित किया या विशेष लाइसेंसिंग आवश्यकताओं के अधीन ला दिया। वर्तमान में उसका विदेशी मुद्रा भंडार सिर्फ तीन माह के आयात का भुगतान करने के लिए है।

ऐसे में देश में उपभोक्ता वस्तुओं की कीमत में तेज़ी से वृद्धि हुई है। इसको लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। हाल ही में पेट्रोलियम मंत्री उदय गमपिल्ला ने कहा था कि तेल आयात के भुगतान के लिए नकदी की कमी है। भुगतान संतुलन के लिए अमेरिकी डॉलर का लेन-देन सीमित हुआ है।

बता दें कि देश में पर्यटन विदेशी मुद्रा आय का प्रमुख स्रोत है, जिसकी देश की जीडीपी में पाँच प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी है। कोरोना के कारण पर्यटन घट गया है, जिससे करीब 30 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।