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कोविड-19 से लड़ने को 602 अस्पतालों में एक लाख आइसोलेशन बेड और आईसीयू तैयार

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने मंगलवार को बताया कि अगर किसी जगह पर 28 दिनों तक कोविड-19 का कोई भी मामला नहीं आता है तो यह कहा जा सकता है कि वायरस के फैलने की कड़ी को तोड़ने में हम सक्षम हो गए हैं।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में लव अग्रवान ने बताया, “देश में कोविड-19 से लड़ने के लिए काफी प्रयास किए जा रहे हैं। इसके मरीजों के इलाज के लिए 602 अस्पतालों में 1,06,719 आइसोलेशन बेड और आईसीयू बेड तैयार हैं।”

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की तरफ से आर गंगाखेडकर ने कहा, “हमारे पास छह सप्ताह तक चलने लायक किट मौजूद हैं। हमें आरटी-पीसीआर किट की एक और किश्त मिली है। इस तरह हमारे पास परीक्षण के लिए पर्याप्त किट हो गई हैं। इसका आशय यह है कि हम लंबे वक्त तक परीक्षण करने में सक्षम होंगे।”

गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने बताया, “लॉकडाउन-2 में देश के नागरिकों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। 80 करोड़ लोगों को अगले तीन महीने तक पाँच किलो अनाज दिया जाएगा। इस संबंध में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए अतिरिक्त अनाज का आवंटन किया गया है।”

वित्त मंत्रालय के राजेश मल्होत्रा ने बताया, “प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज को तेज़ी से लागू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। सोमवार तक 32 करोड़ से अधिक गरीबों को पैकेज के तहत 29,352 करोड़ रुपये का नगद समर्थन दिया गया है।