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लक्षद्वीप के मुस्लिम-बहुल द्वीप पर शराब को छूट और गोमांस पर प्रतिबंध के कारण विरोध

लक्षद्वीप के प्रशासक प्रफुल्ल खोड़ा पटेल ने मुस्लिम बहुल द्वीप से शराब के सेवन पर रोक हटा ली। साथ ही पशु संरक्षण का हवाला देते हुए गोमांस उत्पादों पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दे दिया। इसके बाद केंद्र शासित प्रदेश और पड़ोसी राज्य केरल के विपक्षी दलों ने उन्हें वापस बुलाए जाने की माँग की।

हिंदुस्तान लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, लक्षद्वीप की अधिकतर आबादी मछली पालन पर निर्भर है। विपक्षी दलों का आरोप है कि प्रफुल्ल पटेल ने तट रक्षक अधिनियम के उल्लंघन के आधार पर तटीय क्षेत्रों में मछुआरों की झोपड़ियों को तोड़ने का आदेश दिया।

भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एपी अब्दुल्लाकुट्टी ने द्वीप के प्रशासक का बचाव करते हुए कहा, “विपक्षी उनका इसलिए विरोध कर रहे हैं क्योंकि उन्होंने भ्रष्ट नेताओं के कामों को समाप्त करने के लिए उचित कदम उठाए हैं।”

केरल के विधायक हिबी ईदेन ने इस संबंध में केंद्र सरकार को पत्र लिखा। उन्होंने कहा, “यहाँ अनुबंध पर पर्यटन क्षेत्र में काम करने वाले कई सरकारी कर्मचारियों को भी बिना वजह नौकरी से हटा दिया गया। द्वीप पर 70,000 लोग मछली पालन पर निर्भर हैं लेकिन यहाँ मछुआरों की झोपड़ियाँ तोड़ दी गई।”

इससे पूर्व, कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर प्रफुल्ल खोड़ा पटेल को वापस बुलाने की माँग की थी। उन्होंने अनुरोध किया था कि उनके कार्यकाल में लिए गए निर्णयों को तत्काल रद्द किया जाए।