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ओडिशा कांग्रेस में बढ़ रहे मतभेद, पार्टी के बड़े नेता नहीं लड़ना चाहते हैं चुनाव

लोकसभा चुनावों में एक सप्ताह बाकी है और ओडिशा कांग्रेस की राजनीति में बढ़ते मतभदों के कारण कांग्रेस पार्टी के राजनेता चुनाव लड़ने  से इंकार कर रहे हैं। बुधवार (3 मार्च) को पूर्व सांसद और कांग्रेस के उम्मीदवार बिभू प्रसाद तराई ने पार्टी से इस बात के लिए इस्तीफा दे दिया क्योंकि कांग्रेस ने विधानसभा चुनावों के लिए एक हत्या के आरोपी को टिकट दिया है, हिंदुस्तान टाइम्स  ने रिपोर्ट किया।

तराई, जो तिरतोल विधानसभा चुनावी क्षेत्र से कांग्रेस के उम्मीदवार हैं, उन्हें अपना त्यागपत्र उस समय पार्टी को दिया जब पार्टी ने ओडिशा विधानसभा चुनावों के लिए मज़दूर नेता अरिंदम सरखेल को पारादीप क्षेत्र  टिकट दिया। सरखेल को नवंबर 2016 में एक व्यक्ति की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

इसी प्रकार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता युधिष्ठिर समंत्रे जोकि पिपीली विधानसभा चुनाव क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार है, उन्होंने भी यह कहा है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने उनके नाम की घोषणा करने में बहुत समय लगाया है, जिसके बाद उनके पास चुनाव प्रचार के लिए बहुत कम समय है।

इसी  कड़ी में ओडिशा के तीन बार मुख्यमंत्री रहे जेबी पटनायक के बेटे पृथिवी बल्लभ पटनायक ने भी चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया जब उनके नाम की घोषणा बेगुनिया विधानसभा क्षेत्र से के लिए हुई। पृथिवी पटनायक ने पहले बेगुनिया से ही चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी। और चुनाव ना लड़ने पर उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत कारणों से चुनाव नहीं लड़ेंगे।

दूसरी तरफ कांग्रेस के कई बड़े नेता, जिनमें प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव लक्ष्मण मैहर, बोलांगीर के पूर्व जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भगवान बगर्ती और देओगांव पंचायत समिति के प्रमुख मैहर ने भी विपक्षी नेता नरसिंघ मिश्रा से नाराज़गी जताते हुए, कांग्रेस को अपना इस्तीफा दे दिया है।