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ओडिशा सरकार बिना भक्तों के पुरी में जगन्नाथ रथयात्रा को तैयार, केंद्र का भी समर्थन

श्री जगन्नाथ जी की रथयात्रा को लेकर ओडिशा सरकार की ओर से कमिश्नर संजीव मिश्र ने सर्वोच्च न्यायालय में शपथ-पत्र दायर किया कि बिना भक्तों के केवल पुरी में रथयात्रा कराने के लिए राज्य सरकार तैयार है।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की तीन न्यायाधीशों की पीठ अब पुरी जगन्नाथ रथयात्रा मामले की सुनवाई करेगी।

केंद्र ने न्यायालय में रथयात्रा की स्वीकृति मांगते हुए कहा, “सदियों से चली आ रही परंपरा नहीं रुकनी चाहिए। नियमों के साथ सीमित ढंग से जो पुजारी भगवान जगन्नाथ की सेवा मे लगे हैं। जिनका कोविड-19 टेस्ट नकारात्मक आया है, उन्हें रथयात्रा की स्वीकृति दी जाए। ये आस्था का सवाल है।”

केंद्र ने सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष वार्षिक रथ यात्रा मामले का उल्लेख किया। उसने कहा, “यह कोविड-19 महामारी को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक भागीदारी के बिना आयोजित किया जा सकता है।”

उधर, ओडिशा सरकार की ओर से कहा गया, “गजपति महाराज के अनुरोध पर विचार करते हुए बिना भक्तों के केवल पुरी में रथयात्रा कराने के लिए राज्य सरकार तैयार है। न्यायालय अगर अनुमति दे तो फिर बिना भक्तों के रथयात्रा करवाई जा सकती है।”

उधर, श्रीमंदिर के सेवक ने आज मंदिर में घंटा बजाते हुए तीनों रथों पर आज्ञा माला बिजे किया है। इसके बाद तीनों रथों को रथखला से खींचकर श्रीमंदिर के सामने लाने की प्रक्रिया भी शुरु हो गई है।