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दुष्कर्म आरोपी बिशप के खिलाफ प्रदर्शन करने पर नन को ईसाई संगठन से निकाला गया

दुष्कर्म के आरोप में जालंधर के बिशप फ्रेंको मुलक्कल के खिलाफ आवाज उठाने वाली इकलौती नन लूसी कलाप्पुरा को सार्वजनिक आलोचनाओं के अलावा अपने संगठन से भी निकाल दिया गया।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, फ्रान्सिस्कन क्लेरिस्ट कांग्रेगेशन (एफसीसी) ने कलाप्पुरा से कहा, “उन्हें संगठन छोड़ना होगा। साथ ही उन्हें अपनी धार्मिक आदत (एक विशेष आदेश के बाद पहने जाने वाले विशिष्ट धार्मिक परिधान) को भी छोड़ना होगा।”

अन्य ननों के साथ बिशप मुल्लकल के खिलाफ सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बनने के बाद कलाप्पुरा को अपने संगठन के अधिकारियों की तरफ से कई तरह की कार्रवाई का सामना करना पड़ा। उसे कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। उसमें कलाप्पुरा पर अपनी प्रतिज्ञा का उल्लंघन करते हुए कार खरीदने, कार चलाना सीखने आदि के आरोप लगाए गए।

कलाप्पुरा के बर्खास्तगी के आदेश में वेटिकन की भी स्वीकृति है। पत्र में उनकी बर्खास्तगी के साथ यह भी लिखा गया कि वह रोम में ओरिएंटल चर्चों के संघ से अपील करके उक्त आदेश को चुनौती दे सकती हैं।